रायपुर, 8 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में पर्यावरण-अनुकूल हरित परिवहन (Green Transport) को बढ़ावा देने और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के इस्तेमाल को सुगम बनाने के लिए साय सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। राज्य में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को तेज़ी से मजबूत करने के उद्देश्य से आज मंत्रालय में सचिव सह-परिवहन आयुक्त श्री एस प्रकाश की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

इस महत्वपूर्ण बैठक में परिवहन विभाग, राज्य के सभी आरटीओ (RTO) व डीटीओ (DTO), ऊर्जा विभाग के अधिकारी, प्रमुख तेल कंपनियों (HPCL, BPCL, IOCL, जिओ-बीपी) के प्रतिनिधि, प्रमुख ईवी निर्माता और तकनीकी विशेषज्ञ मुख्य रूप से मौजूद रहे।

उपभोक्ताओं की परेशानी होगी दूर: अब अलग-अलग एप के झंझट से मुक्ति

वर्तमान में राज्य के भीतर अलग-अलग कंपनियों के अपने अलग-अलग चार्जिंग एप काम कर रहे हैं, जिसके कारण वाहन चालकों को चार्जिंग स्टेशन ढूंढने और भुगतान करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए सरकार ने निम्नलिखित रणनीतिक निर्णय लिए हैं:

एक ही एप पर मिलेगी पूरी जानकारी: छत्तीसगढ़ सरकार अब राज्य स्तर पर एक एकीकृत प्लेटफॉर्म/एप (Integrated EV App) तैयार करने जा रही है, जहां राज्यभर के सभी चार्जिंग स्टेशनों की रियल-टाइम लोकेशन और उपलब्धता एक ही जगह दिखाई देगी।

चिप्स (CHiPS) बना रहा पायलट एप: इस दिशा में ऊर्जा विभाग, चिप्स के माध्यम से पहले ही एक पायलट एप पर काम शुरू कर चुका है। इसके साथ ही भारत सरकार द्वारा लाए जा रहे यूनिवर्सल ईवी चार्जिंग एप के साथ भी इसके समन्वय पर चर्चा की गई।

पीएम ई-ड्राइव और राज्य ईवी नीति का लाभ: केंद्र सरकार की 'पीएम ई-ड्राइव' (PM E-DRIVE) योजना के तहत चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर मिलने वाली वित्तीय सहायता और 'छत्तीसगढ़ ईवी नीति-2022' के तहत दिए जाने वाले आकर्षक प्रोत्साहनों को लेकर बैठक में विस्तार से रोडमैप तैयार किया गया।

सभी जिलों में तेजी से चिन्हित होंगी जगहें

ईवी चार्जिंग नेटवर्क को हर प्रमुख हाईवे और आंतरिक क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए सचिव सह-परिवहन आयुक्त ने सख्त निर्देश जारी किए हैं:

"सभी जिलों के आरटीओ और डीटीओ को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में नए चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए तत्काल उपयुक्त सरकारी जमीनों व जगहों को चिन्हित करने और एनओसी (No Objection Certificate) जारी करने की प्रक्रिया को सुपर-फास्ट मोड पर चलाने के निर्देश दिए गए हैं।"

बैठक में उपस्थित एचपीसीएल, बीपीसीएल, आईओसीएल और जिओ-बीपी जैसी शीर्ष कंपनियों के निर्माताओं ने राज्य में वर्तमान में संचालित और आगामी समय में प्रस्तावित चार्जिंग स्टेशनों की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी तथा अपने विस्तार प्लान को साझा किया।

सचिव श्री एस प्रकाश ने कहा कि एक मजबूत और सुलभ चार्जिंग नेटवर्क तैयार होने से जनता का इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति भरोसा बढ़ेगा, जिससे न केवल प्रदूषण कम होगा बल्कि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी अग्रणी बनकर उभरेगा।