रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा मोवा (विधानसभा रोड) स्थित गारमेंट फैक्ट्री के पुनर्जीवन, आधुनिकीकरण एवं संचालन के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर 'रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल' (आरएफपी) तैयार कर लिया गया है। इस पहल के माध्यम से लंबे समय से बंद पड़ी गारमेंट फैक्ट्री के पुनः संचालन की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाएगी। इस योजना में व्यक्तिगत रुचि लेते हुए महापौर मीनल चौबे ने नगर निगम योजना विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की और योजना को जल्द धरातल पर उतारने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
निजी भागीदारी और आधुनिकीकरण के तहत चयनित संस्था को यह फैक्ट्री परिसर 30 वर्षों की लीज पर उपलब्ध कराया जाएगा। चयनित निजी फर्म अपने स्वयं के व्यय पर आधुनिक मशीनरी की स्थापना, रखरखाव और संचालन का कार्य करेगी। इस व्यवस्था से नगर निगम की निष्क्रिय पड़ी संपत्ति का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होगा, साथ ही नगर निगम के राजस्व में वृद्धि की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
रोजगार एवं उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की जा रही इस परियोजना से विशेष रूप से महिलाओं के लिए बड़े पैमाने पर सीधे रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके अलावा, स्थानीय युवाओं को कौशल विकास और आजीविका का साधन मिलेगा। राज्य शासन की औद्योगिक नीतियों के अनुरूप और उद्योग विभाग के सहयोग से गारमेंट फैक्ट्री का संचालन रायपुर में रेडीमेड वस्त्र उद्योग को एक नई दिशा और गति प्रदान करेगा।