रायपुर, 20 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भुवनेश्वर प्रवास के दौरान प्रसिद्ध भगवान लिंगराज मंदिर पहुंचकर सपत्नीक पूजा-अर्चना की। उन्होंने विधि-विधान से भगवान लिंगराज के दर्शन कर छत्तीसगढ़ के नागरिकों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
लिंगराज मंदिर में आध्यात्मिक शांति की अनुभूति
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान लिंगराज की पावन भूमि पर आने और दर्शन करने का अवसर उनके लिए विशेष अनुभव रहा। उन्होंने मंदिर परिसर के आध्यात्मिक वातावरण और दिव्यता का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां आकर मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति होती है। उन्होंने प्रदेश की निरंतर प्रगति और प्रत्येक परिवार के सुख-शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना की।
प्राचीन मंदिर संस्कृति और स्थापत्य के प्रतीक
मुख्यमंत्री ने लिंगराज मंदिर की भव्य स्थापत्य कला की सराहना करते हुए कहा कि भारत के प्राचीन मंदिर केवल आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि हजारों वर्षों की सभ्यता, संस्कृति और शिल्प परंपरा के जीवंत प्रतीक भी हैं। लिंगराज मंदिर की वास्तुकला और भव्यता देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है।
ओडिशा-छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक संबंधों पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ भौगोलिक रूप से पड़ोसी होने के साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से भी गहराई से जुड़े हैं। दोनों राज्यों की लोक परंपराओं, आस्था और सांस्कृतिक विरासत में कई समानताएं हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी यात्राएं दोनों राज्यों के बीच साझा सांस्कृतिक चेतना और आत्मीय संबंधों को और मजबूत करती हैं।