रायपुर। छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली हर महीने 1,000 रुपये की सहायता राशि कई महिलाओं के लिए घरेलू जरूरतों के साथ-साथ आजीविका और छोटे कारोबार को आगे बढ़ाने का माध्यम बन रही है। महिलाएं इस राशि का उपयोग अपनी जरूरत के अनुसार कारोबार में निवेश, सामान खरीदने और आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने में कर रही हैं।

सहायता राशि से कारोबार को मिला सहारा

महतारी वंदन योजना की नियमित आर्थिक सहायता ने ग्रामीण और निम्न आय वर्ग की महिलाओं को अपने छोटे व्यवसायों में पूंजी लगाने का अवसर दिया है। किराना दुकान, सिलाई, पशुपालन, मुर्गी पालन और अन्य स्थानीय गतिविधियों से जुड़ी महिलाएं अपनी आय बढ़ाने की दिशा में काम कर रही हैं।

स्वयं सहायता समूह और ऋण योजनाओं का भी साथ

महतारी वंदन योजना के साथ स्वयं सहायता समूहों और स्वरोजगार से जुड़ी ऋण योजनाओं का लाभ भी महिलाओं को मिल रहा है। छोटे कारोबार के लिए पूंजी उपलब्ध होने से कई महिलाएं अपने मौजूदा काम का विस्तार करने और आय के नए स्रोत तैयार करने की कोशिश कर रही हैं।

लखपति दीदी बनने की दिशा में बढ़ते कदम

महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से कई लाभार्थी लखपति दीदी के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रही हैं। नियमित सहायता, समूह आधारित गतिविधियां और स्वरोजगार के अवसर महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने में सहायक हो रहे हैं।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की बढ़ रही भागीदारी

इन योजनाओं के जरिए महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता देने के बजाय उन्हें आजीविका से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर छोटे कारोबार और स्वरोजगार बढ़ने से परिवार की आय में योगदान के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका भी मजबूत हो रही है।