रायपुर, 23 जुलाई 2026। राज्य में डिजिटल सुशासन को नई दिशा देने और आधुनिक तकनीक से आम नागरिकों को जोड़ने के उद्देश्य से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद तथा 'चिप्स' (CHiPS) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) मयंक अग्रवाल ने अटल नगर (नवा रायपुर) स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में संयुक्त रूप से एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सेवा सेतु पोर्टल, भारतनेट फेज-III, एआई (AI) मिशन और वनांचल क्षेत्रों में 4G कनेक्टिविटी के माध्यम से छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में शुमार हो रहा है।
डिजिटल क्रांति के प्रमुख आंकड़े और उपलब्धियां
सेवा सेतु पोर्टल (Sewa Setu Portal): 29 अप्रैल 2026 को शुरू हुए इसके उन्नत संस्करण के माध्यम से 35 विभागों की 564 नागरिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। पिछले ढाई वर्षों में प्राप्त 85 लाख आवेदनों में से 78 लाख से अधिक का पारदर्शी और समयबद्ध निराकरण किया जा चुका है।
भारतनेट फेज-III एवं 4G सैचुरेशन: ग्रामीण व दूरस्थ पंचायतों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड और फाइबर टू द होम (FTTH) से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार से 3,928 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। जनवरी 2024 से अब तक वनांचल व आकांक्षी जिलों में 1273 नए मोबाइल टावर ऑन-एयर किए जा चुके हैं।
खनिज ऑनलाइन 2.0 से भारी राजस्व: डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से खनिज ऑनलाइन 2.0 से जनवरी 2024 से जून 2026 के मध्य 30,311.80 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
सी.एम. आईटी फेलोशिप (CM IT Fellowship): ट्रिपल आईटी (IIIT) नया रायपुर के सहयोग से 50 स्थानीय चयनित युवाओं को उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण और शासकीय विभागों में कार्यानुभव दिया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ एआई मिशन और 105 करोड़ का स्टार्टअप हब
भविष्य की तकनीक पर फोकस:
राज्य सरकार द्वारा 'छत्तीसगढ़ एआई मिशन' (CG-AIM) की शुरुआत की जा रही है, जिसके तहत एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और डेटा लैब स्थापित होंगे। इसके साथ ही एसटीपीआई (STPI) के साथ 105.3 करोड़ रुपये का एमओयू (MoU) हुआ है, जिससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मेडटेक, स्मार्ट सिटी और स्मार्ट कृषि के क्षेत्र में 4 सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप शुरू होंगे।
विभाग द्वारा डेटा सुरक्षा के लिए 'क्लॉउड फर्स्ट नीति' लागू की जा रही है। वन क्लिक-सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, पारस पोर्टल, बस्तर मुन्ने पोर्टल और आईडब्ल्यूएमएमएस (IWMMS) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए छत्तीसगढ़ को कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है।