रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई बड़े और दूरगामी निर्णय लिए गए। बैठक में प्रदेश के युवाओं और किसानों के हित में दो प्रमुख फैसलों को मंजूरी दी गई। मंत्रिपरिषद् ने राज्य के अग्निवीर सैनिकों को सिविल सेवाओं में रोजगार के अवसर प्रदान करने के साथ-साथ किसानों को खरीफ एवं रबी फसलों के लिए समय पर उर्वरक (खाद) उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण नीतियों पर मुहर लगाई है।
किसानों को खाद की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट ने एक उच्चस्तरीय 'मंत्री-मंडलीय उप समिति' के गठन को मंजूरी दी है। यह समिति उर्वरकों की आपूर्ति, वितरण और प्रबंधन को लेकर अपने सुझाव और मार्गदर्शन शासन को सौंपेगी। उप समिति में लोक निर्माण एवं नगरीय प्रशासन मंत्री (उप मुख्यमंत्री) को अध्यक्ष तथा कृषि विकास, सहकारिता और वित्त मंत्री को सदस्य के रूप में नामित किया गया है, जबकि कृषि उत्पादन आयुक्त इसके संयोजक होंगे। यह समिति आवश्यकतानुसार विशेषज्ञों और अधिकारियों की सलाह लेकर खाद की किल्लत को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएगी।
युवाओं के हित में बड़ा फैसला लेते हुए कैबिनेट ने भारतीय सशस्त्र बलों में 4 वर्ष की सेवा पूरी कर लौटे अग्निवीरों को राज्य की तृतीय श्रेणी सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। इसके तहत पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक तथा जेल विभाग में प्रहरी के पदों पर 'छत्तीसगढ़ के अग्निवीर सैनिकों के लिए आरक्षण नियम-2026' लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा में की गई घोषणा के अनुरूप लिए गए इस फैसले से राज्य के अग्निवीर सैनिकों को सम्मानजनक रोजगार मिलेगा, वहीं उनके अनुशासन और अनुभव का लाभ प्रदेश के पुलिस, वन और जेल प्रशासन को भी प्राप्त होगा।