गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और एडवेंचर टूरिज्म का एक बेहद खूबसूरत और प्रेरणादायी नजारा देखने को मिला है। 'मोटो क्वींस एडवेंचर' ग्रुप की 30 जांबाज महिला बाइक राइडर्स का एक विशाल काफिला अपनी तीन दिवसीय विशेष पर्यटन यात्रा के तहत गरियाबंद जिले में पहुंच चुका है। अपनी भारी-भरकम बाइकों पर सवार इन महिला राइडर्स का गरियाबंद पहुंचने पर स्थानीय लोगों और प्रशासन द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
क्या है 'ट्रिपल-S' का खास संदेश?
यह यात्रा केवल मनोरंजन या एडवेंचर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बहुत बड़ा सामाजिक उद्देश्य छिपा है। यह काफिला पूरे भ्रमण के दौरान 'ट्रिपल-S' (Triple-S) के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएगा:
सड़क सुरक्षा (Safety): राइडर्स आम जनता को हेलमेट पहनने, यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूक करेंगी।
महिला सशक्तिकरण (Strength/Self-reliance): रूढ़िवादिता को तोड़ते हुए यह संदेश देना कि महिलाएं हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर और साहसी हैं।
इको-टूरिज्म (Sustainability): गरियाबंद के प्राकृतिक सौंदर्य को निहारने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल टूरिज्म को बढ़ावा देना।
तीन दिनों तक गरियाबंद के पर्यटन स्थलों का करेंगी भ्रमण
अपने इस तीन दिवसीय प्रवास के दौरान मोटो क्वींस का यह काफिला गरियाबंद जिले के कई प्रमुख और ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों का रुख करेगा। इसमें भूतेश्वर नाथ (विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग), जतमई-घटारानी के खूबसूरत जलप्रपात और उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के आसपास के प्राकृतिक इलाके शामिल हैं।
इस यात्रा के जरिए छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर गरियाबंद के अनछुए पहलुओं को देश-दुनिया के सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। महिला बाइकर्स के इस हैरतअंगेज जज्बे को देखकर स्थानीय युवा, खासकर लड़कियां बेहद प्रेरित नजर आ रही हैं।