रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित 'मोर गांव-मोर पानी' महाअभियान के तहत बालोद जिले में जल संरक्षण को लेकर उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत अब तक 2.85 लाख जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया गया है, जिससे 19.23 लाख घनमीटर अतिरिक्त जल संचयन क्षमता विकसित हुई है। अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण के साथ रोजगार सृजन और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा देना है।
अभियान के तहत जिले में रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज शाफ्ट, तालाब, डबरी, चेकडैम, ट्रेंच, रिचार्ज पिट और इंजेक्शन वेल जैसी विभिन्न जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया गया है। साथ ही तालाबों के जीर्णोद्धार, निष्क्रिय बोरवेलों के रिचार्ज और वर्षा जल संचयन प्रणालियों को भी प्राथमिकता दी गई है। इन प्रयासों से भू-जल स्तर बढ़ने, सिंचाई सुविधा बेहतर होने और किसानों की आय में वृद्धि की उम्मीद है।
अभियान में ग्राम पंचायतों, स्व-सहायता समूहों, स्कूल-कॉलेजों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। जुलाई माह में 3 लाख से अधिक सीड बॉल रोपे जा चुके हैं, जबकि 2 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार का लक्ष्य जनभागीदारी के माध्यम से जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाते हुए ग्रामीण क्षेत्रों को जल-सुरक्षित और समृद्ध बनाना है।