रायपुर, 9 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित एक भव्य गरिमामयी समारोह में शामिल हुए। यह कार्यक्रम प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) सफलतापूर्वक पूर्ण होने तथा ‘मोर गांव–मोर पानी’ महाअभियान की उल्लेखनीय जल संवर्धन उपलब्धियों के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।

इस ऐतिहासिक सफलता के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 11 चयनित हितग्राहियों को मंच पर बुलाकर उनके सपनों के नए पक्के आवास की प्रतीकात्मक चाबी प्रदान की और उन्हें बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने जल संरक्षण के क्षेत्र में हुए उत्कृष्ट कार्यों पर आधारित एक विशेष कॉम्पेंडियम (पुस्तिका) का विमोचन भी किया।

आवास निर्माण में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल: प्रतिदिन बन रहे 1,500 घर

कार्यक्रम के दौरान राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन की तीव्र गति को लेकर बेहद उत्साहजनक आंकड़े प्रस्तुत किए गए:

पहली कैबिनेट का ऐतिहासिक निर्णय: राज्य सरकार ने गठन के तुरंत बाद अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में प्रदेश के 18 लाख जरूरतमंद परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास की राशि जारी करने का बड़ा फैसला लिया था।

ढाई साल में 11 लाख आवास: लगातार कड़े नीतिगत प्रयासों के चलते पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश के भीतर 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है।

देश में सर्वाधिक रिकॉर्ड: विगत वित्तीय वर्ष में छत्तीसगढ़ में रिकॉर्ड लगभग 6 लाख आवास पूर्ण किए गए, जो पूरे देश में किसी भी राज्य द्वारा एक वर्ष में सर्वाधिक आवास बनाने की बड़ी उपलब्धि है।

100 दिनों का रिपोर्ट कार्ड: वर्तमान वित्तीय वर्ष के शुरुआती 100 दिनों (1 अप्रैल से 9 जुलाई 2026) के भीतर ही रिकॉर्ड 1 लाख 51 हजार मकान पूरे कर लिए गए हैं। इसका सीधा मतलब है कि प्रदेश में वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 1,500 से अधिक प्रधानमंत्री आवास बनकर तैयार हो रहे हैं।

'मोर गांव-मोर पानी' महाअभियान: 2,000 करोड़ से संवर रहा भूजल स्तर

समारोह में जल संरक्षण को समर्पित 'मोर गांव-मोर पानी' महाअभियान की पुस्तिका का भी विमोचन किया गया, जिसकी उपलब्धियां निम्नानुसार हैं:

जनभागीदारी से शुरुआत: ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की कमी को दूर करने के लिए यह महाअभियान 24 अप्रैल 2025 को 'पंचायती राज दिवस' के मौके पर शुरू किया गया था।

लाखों जल संरचनाओं का निर्माण: इस अभियान के तहत महात्मा गांधी नरेगा (MGNREGA) और वर्तमान वीबी-जीरामजी के माध्यम से 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 1 लाख से अधिक जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्य स्वीकृत और संचालित किए जा रहे हैं।

ग्रामीण आजीविका को संबल: गांवों में आजीविका डबरी, नवा तरिया (नया तालाब), कंटूर ट्रेंच जैसी विभिन्न नवीन जल संरचनाओं का निर्माण कर भूजल स्तर को सुधारा जा रहा है, जिससे खेती-किसानी और ग्रामीण रोजगार को नई दिशा मिल रही है।

समारोह में प्रमुख जनों की रही गरिमामयी उपस्थिति

इस राज्य स्तरीय वृहद कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन कुमार अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे।

इसके अलावा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के संचालक श्री तारन प्रकाश सिन्हा सहित तमाम आला अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रदेशभर से आए हजारों ग्रामीण हितग्राही इस गौरवमयी पल के साक्षी बने।