कोरबा। करीब 2.40 लाख गैर-कार्यकारी कोयला कर्मियों के नए वेतन समझौते की प्रक्रिया फिलहाल आगे नहीं बढ़ पा रही है। राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता-11 की अवधि 30 जून को समाप्त हो चुकी है और कर्मचारी नए वेतन समझौते के लिए वार्ता शुरू होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अब तक जेबीसीसीआई-12 के गठन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
वेतन वार्ता से पहले समिति गठन जरूरी
नए वेतन समझौते के लिए ट्रेड यूनियनों और प्रबंधन के बीच वार्ता का मंच जेबीसीसीआई होता है। इसी समिति के गठन के बाद कर्मचारियों के वेतन और अन्य सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दों पर औपचारिक बातचीत आगे बढ़ सकती है।
3 सितंबर को कोल इंडिया प्रबंधन की ओर से ट्रेड यूनियनों को जेबीसीसीआई-12 के गठन के लिए कोयला मंत्रालय से अनुमति लेने की बात कही गई थी। इसके बाद समिति गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन अभी तक इस दिशा में अगला कदम सामने नहीं आया है।
2.40 लाख कर्मचारियों पर असर
राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता-11 की अवधि समाप्त होने के बाद लगभग 2.40 लाख गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के लिए नए वेतन समझौते की प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो गई है। कर्मचारी संगठन अब जेबीसीसीआई-12 के गठन और इसके बाद शुरू होने वाली वेतन वार्ता का इंतजार कर रहे हैं।
यूनियनों की नजर आगे की प्रक्रिया पर
ट्रेड यूनियनों और कोयला कर्मियों के बीच नए वेतन समझौते को लेकर लंबे समय से प्रक्रिया शुरू होने की अपेक्षा है। समिति का गठन होने के बाद ही वेतन संशोधन समेत अन्य मांगों पर औपचारिक चर्चा का रास्ता खुलेगा।
फिलहाल निगाहें कोयला मंत्रालय की अनुमति और जेबीसीसीआई-12 के गठन पर टिकी हैं। समिति के गठन के बाद वेतन वार्ता की अगली प्रक्रिया स्पष्ट होने की उम्मीद है।