रायपुर, 7 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के नवनियुक्त मुख्य सचिव विकासशील ने प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और सरकारी योजनाओं की गति बढ़ाने के लिए मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक ली। इस बैठक में राज्य शासन के समस्त विभागों के भारसाधक सचिव शामिल हुए। मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों, बजट घोषणाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने युवाओं और रोजगार को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाते हुए सभी विभागों को अपने यहाँ बैकलॉग के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए शीघ्र कार्यवाही शुरू करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
जनकल्याणकारी योजनाओं और पोर्टल्स की हुई समीक्षा
बैठक में मुख्य सचिव विकासशील ने विभागीय सचिवों को दोटूक शब्दों में कहा कि जमीनी स्तर पर योजनाओं का लाभ आम जनता को समय पर मिलना चाहिए। इसके लिए उन्होंने सचिवों को स्वयं फील्ड और प्रोग्रेस की लगातार मॉनिटरिंग करने की जिम्मेदारी सौंपी। बैठक में राज्य सरकार की कई महत्वाकांक्षी योजनाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की प्रगति की समीक्षा की गई, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
प्रशासनिक सुधार: ई-ऑफिस (e-Office) प्रणाली, लोक सेवा गारंटी अधिनियम और सेवा सेतु पोर्टल का क्रियान्वयन।
विकास योजनाएं: नियद नेल्लानार डैशबोर्ड (बस्तर के विकास के लिए), सुघ्घर छत्तीसगढ़, ग्रामीण विकास विभाग की योजनाएं और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना।
समीक्षा पोर्टल्स: पीएम प्रगति पोर्टल और ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल पर दर्ज मामलों का निपटारा।
भू-अर्जन के मामलों को तेजी से निपटाने के निर्देश
मुख्य सचिव की कड़ाई: मुख्य सचिव ने शासन के बड़े और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स (जैसे सड़क, रेल और भवन निर्माण) के अंतर्गत आने वाले भू-अर्जन (Land Acquisition) के लंबित प्रकरणों को पूरी पारदर्शिता के साथ और तेजी से निपटाने के निर्देश दिए हैं, ताकि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी न हो।
बैठक में मौजूद रहे प्रदेश के दिग्गज नौकरशाह
इस महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक में छत्तीसगढ़ कैडर के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और सचिव मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इनमें वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार शामिल थे।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री के सचिव एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत, गृह विभाग की सचिव नेहा चम्पावत, सामान्य प्रशासन एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, खाद्य सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, कृषि सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, परिवहन सचिव एस. प्रकाश, नगरीय प्रशासन सचिव आर. शंगीता, तकनीकी शिक्षा सचिव बसवराजु एस., राजस्व एवं आपदा प्रबंधन सचिव शम्मी आबिदी, पीएचई सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक और वाणिज्यिक कर सचिव भुवनेश यादव सहित अन्य विभागों के आला अफसर मौजूद रहे।