नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जहां तकनीक की दुनिया में नई संभावनाएं लेकर आया है, वहीं साइबर अपराधी इसका दुरुपयोग कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। इन दिनों AI Voice Scam तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें ठग किसी व्यक्ति की आवाज की हूबहू नकल कर उसके परिजनों या दोस्तों से पैसे ऐंठ रहे हैं।
3 सेकंड की आवाज से तैयार हो जाती है नकली वॉइस
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक AI तकनीक महज 3 सेकंड की ऑडियो रिकॉर्डिंग से किसी भी व्यक्ति की आवाज जैसी नकली आवाज तैयार कर सकती है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो, रील्स या वॉइस क्लिप से आवाज लेकर अपराधी उसका क्लोन बना लेते हैं।
ऐसे देते हैं ठगी को अंजाम
आवाज क्लोन करने के बाद ठग उसी व्यक्ति के नाम से उसके परिजनों या परिचितों को कॉल करते हैं। वे दुर्घटना, अस्पताल, पुलिस कार्रवाई या किसी अन्य आपात स्थिति का बहाना बनाकर तुरंत पैसे भेजने का दबाव बनाते हैं। परिचित की आवाज सुनकर कई लोग बिना पुष्टि किए रकम ट्रांसफर कर देते हैं।
ऐसे करें बचाव
किसी भी इमरजेंसी कॉल पर तुरंत पैसे भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति से किसी अन्य माध्यम से संपर्क कर पुष्टि करें।
परिवार के सदस्यों के बीच एक सीक्रेट कोड वर्ड तय करें, जिसे केवल करीबी लोग जानते हों।
सोशल मीडिया पर अपनी वॉइस रिकॉर्डिंग और निजी जानकारी साझा करते समय सतर्क रहें।
अनजान नंबर से आए संदिग्ध कॉल या भुगतान अनुरोध पर जल्दबाजी में निर्णय न लें।
किसी भी साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि AI तकनीक जितनी उपयोगी है, उतना ही जरूरी है कि लोग डिजिटल सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और किसी भी वित्तीय लेनदेन से पहले पहचान की पुष्टि अवश्य करें।