Raipur Land Fraud News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के ग्रामीण इलाके अभनपुर से जमीन धोखाधड़ी का एक बड़ा और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां की मुस्तैद पुलिस ने भू-माफियाओं और जालसाजों के एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो फर्जी कागजात के दम पर करोड़ों रुपये की कीमती जमीन को अपने नाम कराने की फिराक में था। पुलिस ने इस धोखाधड़ी और जालसाजी की साजिश को वक्त रहते नाकाम करते हुए गिरोह के चार मुख्य आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया है, जिन्होंने पूरी कानूनी प्रक्रिया को ठेंगा दिखाने की तैयारी कर ली थी।
ग्राम थनौद में एक एकड़ जमीन की रजिस्ट्री का प्रयास
मामले का खुलासा करते हुए अभनपुर थाना पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों ने क्षेत्र के ग्राम थनौद में स्थित करीब एक एकड़ की बेशकीमती भूमि को निशाना बनाया था। इस जमीन को हड़पने के लिए आरोपियों ने असली भू-स्वामी के नाम पर फर्जी पहचान पत्र (आईडी) तैयार किए और कई अन्य कूटरचित (जाली) दस्तावेज बनवाए। इन फर्जी कागजातों के सहारे आरोपी उप-पंजीयक कार्यालय में जमीन का अवैध रूप से पंजीयन (रजिस्ट्री) कराने की कोशिश कर रहे थे, ताकि कागजों पर जमीन का मालिकाना हक बदला जा सके। हालांकि, जांच और सत्यापन के दौरान यह पूरी धोखाधड़ी खुलकर सामने आ गई।
आरोपी भेजे गए न्यायिक रिमांड पर
धोखाधड़ी की भनक लगते ही पीड़ित पक्ष और सजग नागरिकों द्वारा इसकी शिकायत अभनपुर पुलिस से की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और इस जालसाजी में शामिल चारों शातिर आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस थाने में कड़ी पूछताछ के बाद आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सभी चारों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से माननीय न्यायालय ने उन्हें न्यायिक हिरासत (जेल) में भेजने के आदेश जारी कर दिए हैं।