राजनांदगांव, 4 नवंबर 2026। ​छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में इलाज के दौरान एक 28 वर्षीय महिला की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मृतका के परिजनों ने शहर के पारख नर्सिंग होम पर गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही, आयुष्मान कार्ड से इलाज न करने, नगद पैसे वसूलने और मरीज को गंभीर हालत में बेसहारा छोड़ने के आरोप लगाए हैं। न्याय की मांग को लेकर ग्राम पारसबोड़ से आए 60 से अधिक ग्रामीणों और पीड़ित परिवार ने जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर जितेंद्र यादव के समक्ष अपनी व्यथा रखी और अस्पताल पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

​मामला ग्राम पारसाबोड़ निवासी श्रीमती बैसाखीन जोशी (28 वर्ष), पति दीपक जोशी का है। परिजनों के मुताबिक, शरीर में खून की कमी (हीमोग्लोबिन करीब 6 ग्राम) की शिकायत पर उन्हें 26 तारीख को पारख नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में दो बोतल खून भी चढ़ाया गया, लेकिन आरोप है कि आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद अस्पताल ने नगद भुगतान लिया और इलाज में गंभीर लापरवाही बरती, जिससे महिला की स्थिति बिगड़ गई।

​दो डॉक्टरों के अलग-अलग बयानों से खड़े हुए सवाल

​इस पूरे प्रकरण में अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों के बयानों में भारी विरोधाभास सामने आया है। पारख नर्सिंग होम के डॉ. आदित्य पारख का कहना था कि महिला को खून चढ़ाने के बाद शरीर पर दाने आने पर उसे स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. सुगंधा गांधी के पास भेजा गया था और उनके प्रिस्क्रिप्शन पर इलाज हुआ। वहीं, जब डॉ. सुगंधा गांधी से संपर्क किया गया तो उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला उनके पास आई जरूर थी, लेकिन उन्होंने कोई प्रिस्क्रिप्शन नहीं दिया था और न ही महिला को कोई स्किन डिजीज थी। दोनों डॉक्टरों के बयानों में अंतर ने इलाज की प्रक्रिया पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।

​कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश

​परिजनों का यह भी आरोप है कि तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल प्रबंधन ने बिना उचित चिकित्सकीय देखरेख और सहायता के मरीज को आनन-फानन में दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया, जो नर्सिंग होम एक्ट के नियमों के विपरीत है।

​पीड़ित परिवार की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर जितेंद्र यादव ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को तत्काल जांच कमेटी गठित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने परिवार को आश्वस्त किया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।