बलरामपुर, 5 अगस्त। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने चलाई जा रही 'स्कूल जतन योजना' बलरामपुर जिले में बदहाली का शिकार हो रही है। जिले के राजपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम बुढ़ाबगीचा के बिरनीपारा स्थित शासकीय माध्यमिक शाला में स्वीकृत अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कार्य तीन वर्ष का लंबा समय बीत जाने के बाद भी अधूरा पड़ा हुआ है। विभागीय अनदेखी और ठेकेदार की घोर लापरवाही के कारण भवन का निर्माण कार्य अधर में लटक गया है, जिससे स्कूली बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।

जानकारी के अनुसार, स्कूल में विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए शासन द्वारा लगभग 16 लाख 40 हजार रुपये की लागत से अतिरिक्त कक्ष के निर्माण की स्वीकृति दी गई थी। निर्माण एजेंसी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) विभाग और ठेकेदार की सांठगांठ व सुस्त कार्यप्रणाली के चलते भवन का ढांचा खड़ा कर आधा-अध अधूरा छोड़ दिया गया है। नया कक्ष न बनने से स्कूल प्रबंधन को एक ही कमरे में दो-दो अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को बिठाकर पढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

स्कूल भवन के निर्माण में हो रही अत्यधिक देरी को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि लापरवाह ठेकेदार और गैर-जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा रुकी हुई निर्माण प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराकर बच्चों को पढ़ाई के लिए सुरक्षित और उपयुक्त माहौल उपलब्ध कराया जाए।