Cyber Fraud News: रायपुर पुलिस कमिश्नरेट को ऑनलाइन धोखाधड़ी और डिजिटल अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। शहर के डीडी नगर थाना पुलिस ने साइबर ठगी की वारदातों में इस्तेमाल होने वाले 'म्यूल अकाउंट' (Mule Account - साइबर अपराधियों द्वारा अवैध पैसों के लेन-देन के लिए किराए पर लिए गए बैंक खाते) के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े एक मुख्य आरोपी को धरदबोचा है, जो सीधे तौर पर अंतरराज्यीय साइबर ठगों के संपर्क में था और उन्हें वित्तीय लेनदेन के लिए सुरक्षित बैंक खाते उपलब्ध करा रहा था।
तीन राज्यों की शिकायतों के बाद खुला राज
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब देश के तीन अलग-अलग राज्यों—गुजरात, ओडिशा और आंध्र प्रदेश से रायपुर के इस संदिग्ध बैंक खाते के खिलाफ ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज कराई गईं। इन राज्यों के पीड़ितों से ठगी गई रकम इसी खाते में ट्रांसफर की जा रही थी। शिकायतों के आधार पर जब डीडी नगर पुलिस ने कड़ियां जोड़ीं, तो पाया कि आरोपी के बैंक खाते में पिछले कुछ समय में साइबर अपराध से संबंधित करीब 9 लाख रुपये का संदिग्ध और अवैध ट्रांजैक्शन (लेनदेन) हुआ है।
आरोपी गिरफ्तार, भेजा गया जेल
मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी साक्ष्यों और बैंक स्टेटमेंट के विश्लेषण के बाद पुलिस की एक विशेष टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी ने साइबर ठगों को अपना खाता कमीशन के लालच में उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट (IT Act) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस नेटवर्क के तार और किन-किन बड़े साइबर अपराधियों से जुड़े हैं।