बिलासपुर। सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाने और किसानों को समय पर ऋण एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) के कंप्यूटराइजेशन पर जोर दिया जा रहा है। सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने बिलासपुर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में बैठक लेकर बैंक के कामकाज और किसानों के हित में संचालित योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
Cooperative Society: पांच जिलों में खुलीं 47 नई समितियां
सहकारिता मंत्री ने बताया कि पांच जिलों में 47 नई सहकारी समितियां खोली गई हैं, जिनमें बिलासपुर जिले की 16 समितियां शामिल हैं। उन्होंने सभी नई समितियों में जरूरी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को स्थानीय स्तर पर सहकारिता से जुड़ी सेवाओं का लाभ मिल सके।
Agriculture Loan: किसानों को मिला 904 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 में किसानों को 73,207.17 लाख रुपये का नगद ऋण और 17,273.35 लाख रुपये का वस्तु ऋण वितरित किया गया है। इस तरह किसानों को कुल 904 करोड़ 80 लाख रुपये से अधिक की ऋण सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मंत्री ने पात्र किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने और सहकारी बैंक की सेवाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
PACS Computerization: 31 अगस्त तक पूरा करना होगा काम
बैठक में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा के दौरान सामने आया कि कुछ समितियों में डेटा एंट्री का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। इस पर मंत्री कश्यप ने 31 अगस्त तक सभी PACS में डेटा एंट्री और कंप्यूटराइजेशन का काम शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्य में लापरवाही नहीं बरतने की बात कही।
Kisan Credit Card: पात्र किसानों को जोड़ने पर जोर
मंत्री ने ‘सहकार से समृद्धि’ योजना, कॉमन सर्विस सेंटर, अन्न भंडारण योजना और गोदाम निर्माण की भी समीक्षा की। अधूरे गोदामों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक पात्र किसानों को इससे जोड़ने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार और अभियान चलाने को कहा गया।
बैठक में अल्पकालीन कृषि ऋण, ब्याज अनुदान, माइक्रो एटीएम, ऋण वितरण समितियों और सीएम हेल्पलाइन से जुड़े लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा हुई। मंत्री ने सभी लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण कर किसानों को सहकारिता विभाग की सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।