रायपुर, 14 अगस्त 2026 : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और इसके आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार हो रही जानलेवा दुर्घटनाओं, उद्योग प्रबंधनों की लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ ने आक्रामक रुख अपना लिया है। प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर कारखानों में हादसों पर तत्काल रोक लगाने, सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन और व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मोहम्मद सिद्दीक ने आरोप लगाया कि रायपुर जिले सहित पूरे प्रदेश के औद्योगिक संयंत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उद्योग प्रबंधन मुनाफाखोरी के चक्कर में सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। उन्होंने हाल ही में ग्राम कन्हेरा स्थित सौरभ (सागर) टीएमटी में भट्टी विस्फोट, उरला के थ्री-डी कंपनी हादसे, रायपुर-बलौदाबाजार स्टील प्लांट तथा सिलतरा स्थित गोदावरी पावर में हुए हादसों का उल्लेख करते हुए विभागीय निगरानी पर सवाल उठाए।
प्रकोष्ठ ने मांग की है कि उरला, सिलतरा और भनपुरी सहित जिले के सभी संयंत्रों के फर्नेस, क्रेन, गैस सिलेंडर व अन्य संयंत्रों का तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। साथ ही हादसों के जिम्मेदार संचालकों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने, पीड़ित मजदूर परिवारों को उचित मुआवजा तथा घायलों को निःशुल्क इलाज देने की मांग की गई है। चेतावनी दी गई है कि यदि शासन-प्रशासन ने त्वरित कदम नहीं उठाए, तो प्रकोष्ठ मजदूरों को एकजुट कर उग्र आंदोलन करने पर बाध्य होगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रकोष्ठ के महासचिव शाहिद खान, सचिव प्रद्युम्न शर्मा, अजय दास सन्नी और विजय बाफना प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।