रायपुर, 7 अगस्त। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रदेशवासियों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने तथा हथकरघा से निर्मित वस्तुओं के अधिकाधिक उपयोग का आह्वान किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करना केवल एक आर्थिक गतिविधि नहीं है, बल्कि यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक शिल्पकला और लाखों बुनकर परिवारों के सम्मान से जुड़ा जन आंदोलन है।
इस अवसर पर मंत्री राजेश अग्रवाल ने राज्य के कुशल बुनकरों द्वारा निर्मित पारंपरिक छत्तीसगढ़ी गमछा धारण कर प्रदेश की हस्तकरघा परंपरा के प्रति सम्मान प्रकट किया। उन्होंने कहा कि यह गमछा केवल एक परिधान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान, श्रम, परंपरा और स्थानीय शिल्प कौशल का जीवंत प्रतीक है। जब नागरिक स्थानीय बुनकरों द्वारा तैयार उत्पादों का उपयोग करते हैं, तो इससे न केवल बुनकरों की आजीविका सशक्त होती है, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक धरोहर का भी संरक्षण होता है।
मंत्री अग्रवाल ने प्रदेश की जनता से अपने पसंदीदा हथकरघा उत्पादों के साथ फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर राष्ट्रीय हथकरघा दिवस अभियान से जुड़ने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के बुनकर अपनी उत्कृष्ट कला और रचनात्मकता से राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रहे हैं। नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से 'वोकल फॉर लोकल' का संकल्प और अधिक मजबूत होगा तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में राज्य का महत्वपूर्ण योगदान सिद्ध होगा।