समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घोषणा की कि प्रदेश में अब प्रतिवर्ष 'माघ पूर्णिमा' के दिन शासकीय अवकाश (सरकारी छुट्टी) रहेगा। इसके साथ ही इस पावन तिथि की पवित्रता बनाए रखने के लिए पूरे राज्य में मांस और मदिरा (शराब) की बिक्री पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लागू रहेगा। मुख्यमंत्री के इस फैसले का कार्यक्रम में मौजूद संत समाज और नागरिकों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया।
अपनी घोषणाओं की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा हर साल दिए जाने वाले 'राज्य अलंकरण पुरस्कारों' में अब एक नया पुरस्कार संत शिरोमणि गुरु रविदास के नाम पर भी शामिल किया जाएगा। यह पुरस्कार सामाजिक समरसता, सेवा और उत्कृष्ट कार्यों के लिए दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास जी के विचार आज भी समूचे मानव समाज के लिए पथ प्रदर्शक हैं और उनके संदेशों को जन-जन तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।