रायपुर, 11 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ शासन की नोनी सुरक्षा योजना बेटियों के भविष्य के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। इस योजना का लाभ सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कृष्णापुर निवासी आंचल राजवाड़े को मिला है। आंचल के नाम पर भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के माध्यम से एक लाख रुपये का बॉन्ड प्राप्त हुआ है। इससे उनकी मां मानती राजवाड़े को बेटी की उच्च शिक्षा और भविष्य की जरूरतों के लिए आर्थिक सुरक्षा का भरोसा मिला है।

सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत सामने आई आंचल की कहानी बताती है कि आर्थिक रूप से सीमित संसाधनों वाले परिवारों के लिए बेटियों की शिक्षा और भविष्य की तैयारी में सरकारी योजनाएं किस तरह सहायक हो सकती हैं। योजना के तहत मिलने वाला लाभ परिवार को बेटी की आगे की पढ़ाई और अन्य आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहयोग की उम्मीद देता है।

बेटी को पढ़ाकर आत्मनिर्भर बनाना है मां का सपना

मानती राजवाड़े अपनी बेटी आंचल को अच्छी शिक्षा दिलाकर आत्मनिर्भर बनाना चाहती हैं। उनका सपना है कि आंचल पढ़-लिखकर अपने पैरों पर खड़ी हो और जीवन में आगे बढ़े। हालांकि, बेटी की उच्च शिक्षा और भविष्य की जरूरतों को लेकर परिवार के मन में आर्थिक चिंताएं बनी रहती थीं।

नोनी सुरक्षा योजना का लाभ मिलने के बाद मानती को राहत मिली है। आंचल के नाम पर एलआईसी के माध्यम से एक लाख रुपये का बॉन्ड मिलने से उन्हें उम्मीद है कि बेटी के बड़े होने पर उसकी पढ़ाई और दूसरी जरूरी आवश्यकताओं को पूरा करने में आर्थिक मदद मिलेगी। उनके लिए यह सहायता भविष्य की तैयारी का एक महत्वपूर्ण आधार है।

18 वर्ष की आयु पूरी होने पर निर्धारित राशि से मिलेगी मदद

नोनी सुरक्षा योजना के प्रावधानों के अनुसार, निर्धारित शर्तें पूरी होने और 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर आंचल को योजना के तहत निर्धारित राशि का लाभ मिलेगा। इस राशि का उपयोग उसकी उच्च शिक्षा और भविष्य की अन्य जरूरतों को पूरा करने में किया जा सकेगा।

मानती राजवाड़े चाहती हैं कि उनकी बेटी आगे की पढ़ाई पूरी करे और अपने सपनों को साकार करे। उनका मानना है कि बच्चों की शिक्षा पर होने वाला खर्च परिवारों के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में बेटी के नाम पर आर्थिक सहायता की व्यवस्था होने से भविष्य की जरूरतों के लिए तैयारी करने में मदद मिलेगी।

आर्थिक सुरक्षा से मां को मिली राहत

मानती राजवाड़े के लिए एक लाख रुपये का बॉन्ड केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बेटी के भविष्य को लेकर भरोसे का आधार भी है। आंचल के नाम पर बॉन्ड मिलने से उनके चेहरे पर खुशी है और उन्हें विश्वास है कि निर्धारित समय पर मिलने वाली राशि बेटी की पढ़ाई और अन्य जरूरतों में काम आएगी।

उनका सपना है कि आंचल अच्छी शिक्षा हासिल करे, आत्मनिर्भर बने और परिवार का नाम रोशन करे। योजना से मिली आर्थिक सहायता ने इस दिशा में परिवार को उम्मीद दी है।

बेटियों की शिक्षा और भविष्य की सुरक्षा पर जोर

नोनी सुरक्षा योजना का उद्देश्य पात्र बालिकाओं के भविष्य के लिए आर्थिक सहायता का प्रावधान करना है, ताकि निर्धारित शर्तों के अनुसार उन्हें लाभ मिल सके। इस तरह की सहायता से अभिभावकों को बेटियों की शिक्षा और भविष्य की आवश्यकताओं के लिए आर्थिक योजना बनाने में मदद मिल सकती है।

आंचल राजवाड़े को मिला लाभ इसी पहल का एक उदाहरण है। परिवार को उम्मीद है कि भविष्य में योजना के तहत मिलने वाली निर्धारित राशि से आंचल की उच्च शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग मिलेगा।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

नोनी सुरक्षा योजना का लाभ मिलने पर मानती राजवाड़े ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि उनकी बेटी आंचल के नाम पर एक लाख रुपये का बॉन्ड प्राप्त हुआ है, जिससे भविष्य में उसकी पढ़ाई और अन्य जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

मानती के अनुसार, इस सहायता से बेटी के भविष्य को लेकर आर्थिक सुरक्षा का भरोसा मिला है। वे चाहती हैं कि आंचल अच्छी शिक्षा प्राप्त करे और अपने पैरों पर खड़ी होकर आत्मनिर्भर बने।

आज की आर्थिक सहायता से कल के सपनों को मिलेगी दिशा

सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत आंचल राजवाड़े की कहानी बेटियों के भविष्य के लिए आर्थिक सहायता की अहमियत को सामने लाती है। अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत कृष्णापुर की आंचल को नोनी सुरक्षा योजना के तहत एलआईसी के माध्यम से एक लाख रुपये का बॉन्ड मिला है।

इससे उनकी मां मानती राजवाड़े को बेटी की उच्च शिक्षा और भविष्य की जरूरतों के लिए आर्थिक सहयोग मिलने की उम्मीद जगी है। परिवार का सपना है कि आंचल पढ़ाई पूरी कर आत्मनिर्भर बने और अपने जीवन में आगे बढ़े।