रायपुर। त्योहारी सीजन में ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ अनधिकृत वेंडरों की गतिविधियां भी बढ़ने की शिकायत सामने आ रही है। आरोप है कि बिना वैध पहचान पत्र और लाइसेंस के कुछ वेंडर ट्रेनों की बोगियों में पहुंचकर यात्रियों को खाद्य सामग्री और पेय पदार्थ बेच रहे हैं। इससे यात्रियों को असुविधा के साथ खाद्य सुरक्षा और रेलवे परिसर की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

बासी नाश्ता और संदिग्ध पानी से बनी चाय की शिकायत

यात्रियों के बीच ऐसी शिकायतें हैं कि कुछ अनधिकृत वेंडरों द्वारा बासी नाश्ता, खुले में रखी खाद्य सामग्री और साफ-सफाई के मानकों पर खरा न उतरने वाले पेय पदार्थ बेचे जा रहे हैं। चाय बनाने में इस्तेमाल होने वाले पानी की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में यात्रियों की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बनी रहती है।

रेलवे में खाद्य गुणवत्ता और पानी से जुड़ी शिकायतों की निगरानी को लेकर हाल के दिनों में भी व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

बिना लाइसेंस बोगियों में पहुंचने का आरोप

त्योहारी भीड़ का फायदा उठाकर कुछ वेंडरों के बिना अधिकृत अनुमति ट्रेनों में पहुंचने की बात कही जा रही है। वैध पहचान और लाइसेंस के बिना बिक्री होने की स्थिति में यात्रियों को यह पता लगाना मुश्किल हो सकता है कि उन्हें खाद्य सामग्री किस अधिकृत व्यवस्था के तहत उपलब्ध कराई जा रही है।

ऐसी गतिविधियों पर निगरानी और नियमित जांच जरूरी है, ताकि अधिकृत और अनधिकृत विक्रेताओं के बीच अंतर स्पष्ट रहे और यात्रियों को सुरक्षित खाद्य एवं पेय पदार्थ मिल सकें।

यात्रियों को भी सतर्क रहने की जरूरत

यात्रियों को ट्रेन में खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी पैकिंग, गुणवत्ता और वैधता की जांच करनी चाहिए। संदिग्ध या खराब गुणवत्ता वाला भोजन लेने से बचना बेहतर है। किसी वेंडर की गतिविधि संदिग्ध लगे या खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर संदेह हो तो रेलवे के शिकायत तंत्र के माध्यम से इसकी जानकारी दी जा सकती है।

त्योहारी सीजन में बढ़ी यात्री भीड़ को देखते हुए ट्रेनों और स्टेशनों पर खाद्य सामग्री बेचने वाले वेंडरों की जांच, स्वच्छता और लाइसेंस की निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर यात्रा सुविधा मिल सके।