रायपुर में राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के तहत तकनीकी वस्त्र उद्योग की संभावनाओं को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव विकासशील ने ग्रामोद्योग विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रदेश में टेक्सटाइल उद्योग के विस्तार के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी वस्त्र क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की संभावनाओं को देखते हुए शिक्षा, प्रशिक्षण और कौशल विकास को भी कार्ययोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि तकनीकी वस्त्र उद्योग के लिए प्रदेश के शैक्षणिक एवं तकनीकी संस्थानों से आवश्यक सहयोग लिया जाना चाहिए। इससे युवाओं को इस क्षेत्र से जुड़े आधुनिक कौशल का प्रशिक्षण देने के साथ उद्योगों की जरूरत के अनुसार कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलेगी।

शिक्षा, प्रशिक्षण और कौशल विकास पर विशेष जोर

बैठक में ग्रामोद्योग विभाग के अधिकारियों ने राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में किए जा सकने वाले कार्यों को लेकर प्रस्तुतिकरण दिया। इसमें शिक्षा, प्रशिक्षण, कौशल विकास, बाजार विकास, अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी वस्त्रों के विकास से संबंधित संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी वस्त्रों का उपयोग पारंपरिक कपड़ों से अलग कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाता है। ऐसे में प्रदेश में इस क्षेत्र से जुड़े उद्योग और रोजगार की नई संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं।

एग्रो से लेकर मेडिकल टेक्सटाइल तक पर चर्चा

बैठक में तकनीकी वस्त्रों के विभिन्न क्षेत्रों पर विशेष चर्चा हुई। इसमें एग्रो टेक्सटाइल, मेडिकल टेक्सटाइल, कंस्ट्रक्शन टेक्सटाइल और स्मार्ट टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया। इसके साथ ही स्पोर्ट्स, होम और क्लॉथ से जुड़े टेक्सटाइल क्षेत्र की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।

एग्रो टेक्सटाइल के माध्यम से कृषि क्षेत्र में उपयोग होने वाले विशेष वस्त्रों को बढ़ावा दिया जा सकता है, जबकि मेडिकल टेक्सटाइल स्वास्थ्य क्षेत्र में उपयोग होने वाली सामग्री के निर्माण से जुड़ा है। इसी तरह कंस्ट्रक्शन और स्मार्ट टेक्सटाइल आधुनिक तकनीक आधारित उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र माने जाते हैं।

विशेषज्ञों की भागीदारी से तैयार होगी रणनीति

बैठक में ग्रामोद्योग विभाग के सचिव राजेश सिंह राणा सहित उद्योग एवं वाणिज्य, तकनीकी शिक्षा, NIT, कौशल विकास, उच्च शिक्षा और विश्वविद्यालयों से जुड़े तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए। विशेषज्ञों ने प्रदेश में तकनीकी वस्त्र उद्योग की संभावनाओं, प्रशिक्षण व्यवस्था, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के उपायों पर विचार साझा किए।

सरकार का उद्देश्य तकनीकी वस्त्र क्षेत्र में शिक्षा, कौशल, अनुसंधान, उद्योग और बाजार को एक-दूसरे से जोड़कर प्रदेश के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करना है। इससे आने वाले समय में टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।