गरियाबंद। देवभोग स्थित कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में छात्राओं के लिए आवासीय सुविधा बढ़ाने को लेकर निर्माण कार्य पर सवाल उठ रहे हैं। विद्यालय परिसर में निर्धारित स्थान पर कमरे बनाने के बजाय सड़क पार करीब 300 मीटर दूर दूसरे भवन में 9 कमरे बनाए जाने की जानकारी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि छात्राओं की आवासीय सुविधा के लिए विद्यालय परिसर में 6 कमरों का निर्माण प्रस्तावित था। इसके बावजूद निर्माण एजेंसी की ओर से परिसर के बाहर दूसरे भवन में अधिक संख्या में कमरे बनाए गए। इस व्यवस्था को लेकर स्कूल प्रबंध समिति ने छात्राओं की सुरक्षा और आवागमन को लेकर चिंता जताई है।
स्कूल प्रबंध समिति का कहना है कि छात्राओं को मुख्य विद्यालय परिसर से अलग भवन में रखने से उनकी सुरक्षा और निगरानी प्रभावित हो सकती है। सड़क पार स्थित भवन तक छात्राओं की आवाजाही को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
मामले को लेकर स्कूल प्रबंध समिति ने निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग की है। समिति का कहना है कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि निर्धारित स्थान पर कमरों का निर्माण क्यों नहीं किया गया और परिसर से बाहर भवन बनाने का निर्णय किस आधार पर लिया गया।
अब मामले में संबंधित विभाग और अधिकारियों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। निर्माण की स्वीकृति, स्थान चयन और तैयार किए गए कमरों की उपयोगिता से जुड़े पहलुओं की भी जांच की मांग की जा रही है।